नई दिल्ली – अयोध्या स्थित रीजेनेरेटिव पैकेजिंग निर्माता पक्का लिमिटेड के प्रमुख ब्रांड ‘चक’ ने ‘रेस्टोरेंट्स हू केयर क्लब’ की शुरुआत की है। इस पहल का मकसद रेस्टोरेंट को यह दिखाने में मदद करना है कि उनके यहाँ परोसा जाने वाला भोजन ऐसे पर्यावरण-अनुकूल टेबलवेयर में दिया जा रहा है जो अपने आप विघटित हो जाते हैं। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब बड़ी संख्या में ग्राहक अपने भोजन को लेकर जागरूक हैं। वह अब सिर्फ़ भोजन के स्वाद को नहीं, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि उनका भोजन कहाँ से आया, कैसे पैक हुआ और किसमें परोसा गया। कई रेस्टोरेंट अब सोच-समझकर कम्पोस्टेबल खाद में बदल जाने वाले टेबलवेयर में भोजन परोसने का विकल्प चुन रहे हैं, लेकिन उनकी यह कोशिश ग्राहकों की नज़र में नहीं आ पाती। क्लब के सदस्य रेस्टोरेंट को डिस्प्ले सामग्री की एक किट दी जाती है, जिसमें प्रवेश द्वार पर लगने वाला स्टिकर, टेबल-टेंट कार्ड, ट्रे लाइनर, दीवार पर लगाने वाला प्रमाण-पत्र और बिलिंग काउंटर पर रखा जाने वाला डिस्प्ले शामिल है, ताकि यह पर्यावरण-अनुकूल पहल ग्राहकों को साफ़ दिखाई दे। क्लब से अब तक देशभर के 48 रेस्टोरेंट जुड़ चुके हैं और 2030 तक 10,000 रेस्टोरेंट तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। ‘चक’ टेबलवेयर में भोजन परोसने वाला कोई भी रेस्टोरेंट इस क्लब का सदस्य बन सकता है, और सदस्यों को यह किट उनके क्षेत्र के चक प्रतिनिधि के माध्यम से मिलती है। चक टेबलवेयर का इस्तेमाल करने वाले रेस्टोरेंट ने मिलकर हर साल लगभग 10 लाख किलोग्राम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी की है, जो करीब 45,455 पेड़ लगाने के बराबर है। इस पहल के बारे में पक्का लिमिटेड के फूड सर्विस के बिज़नेस हेड शुभम टिबरेवाल ने कहा, ”रेस्टोरेंट्स हू केयर क्लब रेस्टोरेंट को यह दिखाने का अवसर देता है कि उन्होंने ग्राहकों को भोजन परोसने के लिए सस्टेनेबल टेबलवेयर चुनकर एक ज़िम्मेदार फ़ैसला लिया है। यह छोटे से छोटे कैफ़े को क्षमता देता है, जिससे वह अपनी कहानी उतने ही प्रभावी ढंग से कह सके, जितना किसी बड़ी राष्ट्रीय शृंखला के पास होता है। इसका असर अब इस बात में दिखने लगा है कि ग्राहक रेस्टोरेंट के प्रति कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। बेंगलुरु में गुजराती स्नैक पार्लर ‘रसोडु’ के संस्थापक जयप्रदीप खत्री ने बताया कि ग्राहक अब टेबलवेयर पर ध्यान देने लगे हैं। उन्होंने कहा, ”हम हमेशा से चक का इस्तेमाल करते रहे हैं। अब हमारे ग्राहक हमसे इसके बारे में पूछते हैं, और यही बातचीत उनके भरोसे की एक वजह बन गई है।पुणे स्थित ‘बैम्बू हाउस’ के प्रोक्योरमेंट एवं ऑपरेशंस हेड देव शेट्टी ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी को लेकर ग्राहकों की बढ़ती जागरूकता ने उनके इस बदलाव के फ़ैसले को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, ”आज लोग सक्रिय रूप से प्लास्टिक के विकल्प तलाश रहे हैं। गन्ने के रेशे से बने टेबलवेयर का इस्तेमाल हमें इन उम्मीदों पर खरा उतरने में मदद करता है।
