गुड़गांव – आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए। बैंक ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 1,075 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे अधिक कर-पश्चात लाभ यानी पीएटी दर्ज किया। यह पिछले साल की समान तिमाही के 463 करोड़ रुपए की तुलना में 132.4% अधिक है। आरओए भी सुधरकर 1.06% पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 0.54% था।30 जून 2026 तक बैंक का कुल ग्राहक कारोबार 18.6% बढ़कर 6,04,776 करोड़ रुपए हो गया। लोन और एडवांस 20.6% की वृद्धि के साथ 3,05,370 करोड़ रुपए पर पहुंचे। इसमें मॉर्गेज, वाहन, कॉर्पोरेट और कंज्यूमर लोन का बड़ा योगदान रहा। रिटेल, एग्री और एमएसएमई पोर्टफोलियो 18.2% बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपए और होलसेल पोर्टफोलियो 30.4% बढ़कर 64,252 करोड़ रुपए रहा। ग्राहक जमा 16.6% बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपए हुई। कासा जमा 24.6% की तेज वृद्धि के साथ 1,58,492 करोड़ रुपए पर पहुंची और कासा अनुपात 50.8% रहा। फंड की लागत 46 बेसिस पॉइंट घटकर 5.96% हुई। एसेट क्वालिटी और लाभप्रदता में सुधार ग्रॉस एनपीए 45 बेसिस पॉइंट घटकर 1.51% और नेट एनपीए 12 बेसिस पॉइंट घटकर 0.44% पर आ गया। रैम पोर्टफोलियो में भी एनपीए में उल्लेखनीय सुधार हुआ। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 25 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.96% रहा। कॉस्ट टू इनकम रेशियो 310 बेसिस पॉइंट सुधरकर 70.7% हुआ। औसत लोन पर प्रावधान 115 बेसिस पॉइंट घटकर 1.53% रह गया। बैंक को सीजीएफएमयू योजना के तहत एमएफआई पोर्टफोलियो के लिए 514.8 करोड़ रुपए का क्लेम मिला। साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए एहतियात के तौर पर 515 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया। कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो मजबूत 15.05% और सीईटी-1 13.33% रहा। एमडी एवं सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा,हमारा फोकस मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस के साथ उच्च गुणवत्ता वाला बैंक बनाना है। एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार और निवेश का लाभ अब दिख रहा है। पीएटी और आरओए में यह वृद्धि उसी का परिणाम है।
